ये बात है 26 जनवरी 2016 की जब मेरी जान ने (उस समय तक दोस्त ही थी) हमको कहा कि तुम हमको कुछ मूवी का नाम बताओ। ऐसे भी 26 जनवरी को सब लोग छुट्टी में रहते हैं और एंजॉय के मोड में होते हैं। तो मैंने उनको कुछ मूवी का नाम सेंड किया जैसे – कृष्णा कॉटेज(और लिखा कि हॉरर मूवी), कुर्बानी(लव स्टोरी) और भी एक दो नाम दिए थे। वहीं एक मूवी ग्रैंड मस्ती भी। मैंने कुछ सोच कर इसके बारे में नहीं दिया था। बस दे दिया था। सब कुछ ठीक था और उस दिन भी उनसे बात हुई थी।
लेकिन उसके कल होकर मैंने कॉल किया तो उन्होंने रिसीव ही नहीं किया। हमको लगा कि कहीं बिजी होगी। लेकिन सबसे बड़ी बात कि उनका नंबर भी बिजी नहीं आ रहा था फिर भी वो मेरा कॉल नहीं उठा रही थी। मैं असमंजस में फंस गया कि क्या हुआ..?? कहां है वो..?? ठीक तो है न..??
मेरा पूरा का पूरा दिमाग खराब हो गया था। मैंने मैसेज किया तो कोई रिप्लाई नहीं आया। मैंने उस दिन करीब उनको 20 से ज्यादा मैसेज किया था लेकिन उनका कुछ रिप्लाई नहीं आया। हमको लगा कि मैंने कुछ उनको ऐसा तो नहीं बोला दिया, या फिर कुछ ऐसा मैसेज तो नहीं कर दिया जिससे वो हर्ट हो गईं। मैं सोचता रहा और जल्दी से मैसेज चेक किया। क्योंकि मैं और वो एक दूजे को शायरी भेजते थे। हमको लगा कि शायरी में कुछ गलती से कुछ गलत टाइप तो नहीं हो गया है। लेकिन गलती से गलत नहीं हो सकता है। फिर मैंने सोचा कि अब क्या करूं..?? लेकिन लगा कि वो कहीं बिजी ही होगी जिसके कारण वो ऐसा कर रही है। लेकिन उसको कम से कम मेरे मैसेज का रिप्लाई भी देना चाहिए था। लेकिन उसने नहीं दिया।
ऐसा करते करते 2 दिन बीत गए। ये 2 दिन, 2 दिन के जैसा नहीं बल्कि 2 साल के जैसा बीता। मैं उस समय लालगंज कोचिंग जाता था कंप्यूटर सीखने, वहां जाने का भी मन नहीं हो रहा था कि मैं जाऊं। लेकिन मन को मारकर जा रहा था।
मेरे मन में ये भी विचार आया कि कहीं वो अर्जेंटली अपने घर आ गई होगी जिसके कारण वो कॉल नहीं उठा रही है और मैसेज का रिप्लाई नहीं कर रही है। तो मैं लगातार 2 दिन रोज 2-3 बार उसके घर से गुजरता था कि उनका दीदार हो जाए, वो कहीं बाहर घूमती दिख जाए लेकिन यहां तो कुछ अगल ही बात थी।
और तीसरे दिन 29 January 2016 को उनका मैसेज आया कि — तुम मेरे बारे में क्या-क्या सोचते हो?? सही सही बताओ..

ये मैसेज देखकर मेरा दिमाग घूम गया। सीधा लगा कि मेरे बारे में ये क्या सोच रही है। मैंने तो कुछ ऐसा मैसेज भी नहीं किया था। हमको भरोसा नहीं हो रहा था कि वर्षा मेरे बारे में कुछ ऐसा सोंच रही है। मैं पूरी तरह ब्लैंक हो गया।
मैंने उनके मैसेज देखने के तुरंत बाद उनको कॉल किया। उन्होंने रिसीव नहीं किया। फिर से किया। कई बार किया। बार-बार किया। लेकिन उसने मेरा कॉल नहीं उठाया। इसके बाद मैं मैसेज किया कि आप मेरा कॉल तो रिसीव करो और क्या हुआ है बताओ। मैंने क्या किया है..?? बताओ और बात करो। लेकिन उसने कुछ भी जवाब नहीं दिया।
मेरे मन में एका एक 10th क्लास वाली बात याद आ गया कि उनके कॉपी पर किसी और ने I LOVE YOU छोटे-छोटे अक्षरों में लिख दिया था और मैं बदनाम हो गया। और आज ऐसे। मैं जिसके साथ जिंदगी जीने का सपना देख रहा था वो सपना टूट गया और केवल सपना ही नहीं टूटा उसके साथ मैं बिना कुछ गलत करे ही उसकी नजरों में गिर गया।
जिसके साथ शादी करनी थी उसकी नजरों में गिरकर जिंदा रहना पसंद नहीं था मुझे। मैं रोता रहा और सोच रहा था कि ऐसा कैसे हो गया। सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन मेरे बिना किए ऐसा कैसे हो गया?? वो मेरे बारे में क्या सोच रही है हमको पता भी नहीं और मैंने उनको ऐसा कुछ मैसेज भी नहीं किया और न ही कॉल पे कुछ बोला था। मैं तो उनसे प्यार करता हूं। उनको परपोज करने का सोचा था लेकिन यहां तो कुछ और ही हो गया। और सबसे बड़ी बात कि वो ऐसा बात बोली कि जो सीधा सीधा गलत मतलब बनता था। (क्योंकि मेरे बारे में तुम क्या सोचते हो इसका मतलब एक ही बनता है)
खैर.. मैं मर जाना पसंद करूंगा लेकिन उनकी नजरों में गिरकर रहना कभी नहीं। और वहां जिसके साथ मैं जिंदगी जीने की सोच रहा था। मैं बाहर पोखर के पास ये सब सोच रहा था और उनसे बात करने की विनती कर रहा था। लेकिन जब उनके तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया तो मैंने अपनी जिंदगी खत्म करने की सोच ली और घर आया। मेरे घर में एक तार मेन बोर्ड के पास नंगा था जो डायरेक्ट पोल से आया हुआ था। मैंने कुछ सोचा समझा नहीं बस जाकर उसको पकड़ लिया। वो करीब 6 फीट से ऊंचा था। उसको पकड़ते ही जोर से झटका मारा और मैं करीब 2-3 सेकंड तक सटा रहा और उसके बाद गिर गया। शायद लाइट कट गया या फ्यूज उड़ गया होगा।

करीब 10 मिनट्स मैं वहीं बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। पूरा बेहोश भी नहीं था और होश तो था ही नहीं। लग रहा था कि मैं अब थोड़ी देर में मर जाऊंगा। मैं उठना चाहता था लेकिन उठ नहीं पा रहा था। मैं मम्मी को पुकारना चाहता था लेकिन होठों से मेरे आवाज नहीं निकल रहा था। बहुत जोर से प्यास लगी हुई थी लेकिन कोई पानी देने वाला नहीं था.. मैं अब मरने ही वाला था लेकिन…
मैं जिंदा बचा या नहीं इसके लिए आगे पढ़ें..!!