6. मैं जिंदा बचा या नहीं..

current

Varsha

करंट लगने के बाद की प्रेम कहानी मेरे जीवन का वह अध्याय है जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। थोड़ी देर के बाद मैं जैसे तैसे उठा और अपने रूम में गया। काफी देर तक सोया रहा। शाम में करीब 4 बजे के बाद मेरी नींद खुली। जब मेरी आंख खुली तो सबसे पहली बात यही समझ आई कि मैं जिंदा बच गया हूं। उस समय मेरे मन में केवल वर्षा का ख्याल चल रहा था।

 

थोड़ी देर के बाद मैं जैसे तैसे उठा और अपने रूम में गया। काफी देर तक सोया रहा। शाम में करीब 4 बजे के बाद मेरी नींद खुली। जनवरी में शाम 5 बजे तक हो ही जाता हुआ।

जब मेरी नींद खुली तो सबसे पहली बात यही समझ आई कि मैं जिंदा बच गया हूं। फिल्मों में देखने को मिलता है कि जब हीरो बच जाता है तो विलन से बदला लेता है। लेकिन यहां तो मेरे इश्क की बात थी। मेरे मन में यह बात आया कि वर्षा अब मेरी हो जाएगी क्या?? इनके लिए ही मैं बचा हूं क्या?? लेकिन..

मैं जब अपना पैर नीचे रख रहा था तो कुछ वजन ही पता नहीं चल रहा था। जैसे तैसे चल रहा था।

मैं उठा और जैसे तैसे चाय बनाया। क्योंकि मैंने सुना था कि करेंट लगने के बाद आदमी को गर्म चीज पीना चाहिए। बहुत ज्यादा गंभीर नहीं था मैं। ऐसे कहा भी जाता है कि मर्द को दर्द कैसा..?? लेकिन इश्क़ जो न करवाए..!!

मैं उसके बाद घर में बताना चाहा लेकिन बताता तो मार पड़ती तो फिर काहे का बताना। कमजोरी बहुत हो गई थी लेकिन..

रातभर यही सोच रहा था कि मैं क्यों बचा?? और कैसे बचा?? और फिर एका एक यह बात ध्यान दिया की फ्यूज नहीं जला था बल्कि लाइन ही कट गया था। उस समय जो मैं भगवान को मानता था उस समय मेरे मन में यही खयाल चल रहा था कि हमको भगवान ने बचाया है और उन्होंने ही लाइन को कटवाया है। अगर ऐसा नहीं रहता तो मेरे मेन बोर्ड का फ्यूज जल जाता लेकिन नहीं जला। लेकिन मैं बच गया था। जैसे कृष्ण भगवान का जन्म जेल में हुआ लेकिन जेल से कंस को मारने के लिए वो बच कर निकल गए और किसी को कुछ पता भी नहीं चला। वैसे ही मैं भी वर्षा के साथ पूरी जिंदगी बिताने के लिए बच गया शायद। लेकिन ये सब मेरे मेरे मन में अन्यास ही आ रहा था।

जो भी था लेकिन मैं उनकी नजरों में गिर कर नहीं रहना चाहता था जिसके कारण ही मैंने ये सब किया। लेकिन बचने बाद मन में एक क्षण खुशी तो हुई थी लेकिन फिर ख्याल आया कि ये सब केवल फिल्मों और कहानियों में ही होती है। इसके बाद मेरा टेंशन और बढ़ गया। रात को नींद नहीं आ रही थी। मैं जैसे तैसे खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था और सिसक सिसक कर रो रहा था। लेकिन जो होना था वो हो ही गया था। इश्क़ की शुरुआत के पहले ही चैप्टर The End हो गया था। मैं  सुबह उठा जैसे तैसे उठकर कोचिंग गया। वहां पढ़ने के बदले मैं यही सब सोच रहा था। हमको स्टूडेंट्स को पढ़ाना था लेकिन मैं उस दिन नहीं पढ़ाया और वापस आ गया।

बहुत उदास था। आने के बाद खाना भी नहीं खाया और सो गया। इसके अलावा मैं करता तो करता ही क्या?? फिर सारा दिन ऐसे तैसे बीता। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। घर में केवल पड़ा हुआ था मैं। उस दिन भी दिन कैसे कट गया कुछ पता नहीं चला। मैं फिर से इनको कॉल या मैसेज करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। ऐसे भी मेरी लव स्टोरी शुरू होने के पहले ही खत्म हो गई।

मैं फिर कल होकर मॉर्निंग में उठा और कोचिंग जाने के लिए तैयार हुआ। निकलते समय मोबाइल उठाया तो देखा कि उनका मैसेज आया हुआ था कि उठने के बाद तुम कॉल करना..

अब कॉल करने के बाद वो हमको कॉल पर ही मार दी या फिर कुछ बात भी किया ये जानने के लिए बने रहें..!!

 

VARSHABHINAV

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top